Home Jammu Kashmir Jammu कोविड-19ः उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर में मास्क के सार्वभौमिक उपयोग पर बल दिया

कोविड-19ः उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर में मास्क के सार्वभौमिक उपयोग पर बल दिया

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उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मु ने आज केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए मास्क के सार्वभौमिक उपयोग का आह्वान किया।
उन्होंने यह बात राजभवन में प्रशासनिक सचिवों की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए की, जिसमें कोविड-19 के प्रबंधन और रोकथाम के लिए सरकार के प्रयासों की समीक्षा की गई। आज की बैठक में विभिन्न विभागों के प्रयासों के नियमित मूल्यांकन और जमीनी स्तर पर उभरती स्थिति के मद्देनजर नई रणनीति बनाने पर चर्चा की गई।
मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, वित्तीय आयुक्त वित्त विभाग अरुण कुमार मेहता, वित्तीय आयुक्त स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा अटल डुल्लू, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव बिपुल पाठक, प्रमुख सचिव योजना और सूचना विभाग रोहित कंसल के अलावा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों ने विचार-विमर्श में भाग लिया।
बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के पास फ्रंटलाइन कर्मचारियों के बीच वितरण के लिए मास्क सहित सुरक्षात्मक उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक है और स्थानीय स्तर पर स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और निजी उद्यमियों को शामिल करके उत्पादन को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, यह निर्णय लिया गया कि निवारक उपाय के रूप में, सरकार केंद्र शासित प्रदेशों में सभी लोगों के लिए मास्क की उपलब्धता की सुविधा प्रदान करेगी।
उपराज्यपाल ने बल देते हुए कहा कि अभी तक जम्मू-कश्मीर में लोगों की सक्रिय भागीदारी के कारण केंद्र षासित प्रदेष वायरस को नियंत्रित करने में सक्षम है हालाँकि, वायरस की श्रृंखला को तोड़ते हुए समाज में एक व्यवहारिक परिवर्तन लाने के लिए पूरे केंद्र षासित प्रदेष में लोगों के बीच एक जागरूकता अभियान आवश्यक है।
उपराज्यपाल ने कोविड-19 संकट के दौरान जागरूकता की सुविधा के लिए और लोगों को आत्म देखभाल के लिए आयुर्वेदिक प्रतिरक्षा बूस्टर लेने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु धिार्मिक / सामाजिक नेताओं, पीआरआई और शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों को शामिल करने के लिए निर्देशित किया।
उपराज्यपाल ने आवास और शहरी विकास विभाग को निर्देश दिया कि वे सभी अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर संक्रमण निवारण टनल स्थापित करें। उन्होंने पूरे केंद्र षासित प्रदेष में बड़े पैमाने पर धूमन और स्वच्छता अभियान चलाने पर जोर दिया।
श्रृंखला को तोड़ने के प्रयास में, उपराज्यपाल ने विशेष रूप से उन लोगों से संपर्क अनुरेखण अभियान के लिए कहा, जो हाल ही में दिल्ली में एक धार्मिक मण्डली में शामिल हुए थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए ऐसे लोगों और उनके संपर्कों का 100 प्रतिशत परीक्षण करने का निर्देश दिया।
उपराज्यपाल ने कृषि और बागवानी क्षेत्र के महत्व पर चर्चा करते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बीज, उर्वरक, पशु चारा आदि के विनिर्माण गतिविधियों में शामिल औद्योगिक इकाइयों को कार्य करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं के सुचारू परिवहन को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
लाभार्थियों के बीच राहत पैकेज के वितरण के संबंध में, उपराज्यपाल ने डीबीटी राशि के सुचारू वितरण, एटीएम में नकदी प्रवाह सुनिष्चित करने और सभी परिसरों में सामाजिक दूरियों के मानदंडों को बनाए रखने के लिए बैंकों को सभी आवश्यक निर्देश जारी किये।
उपराज्यपाल ने सभी वृद्धाश्रमों, किशोर आवासों और अनाथालयों की मैपिंग के उच्च महत्व पर जोर दिया, ताकि उन्हें राशन और अन्य प्रावधानों की निरंतर आपूर्ति के साथ-साथ हेल्प-लाइन स्थापित करने और नियमित आधार पर स्वास्थ्य जांच करने के लिए सुविधा प्रदान किया जा सके।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि वे विभिन्न शिविरों में आने वाले विस्थापित मजदूरों की नियमित जांच के लिए डॉक्टरों की एक टीम भेजें। इसके अलावा, श्रम विभाग को शिविरों में रहने वाले सभी मजदूरों का आंकडा तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया ताकि लाॅकडाउन के बाद उनकी आवाजाही को सुगम बनाया जा सके।
उन्होंने केंद्रषासित प्रदेष में कोरोनावायरस के खतरे को कम करते हुए संसाधनों के इष्टतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन के सभी स्तरों पर उत्साही प्रयास करने के लिए अधिकारियों पर बल दिया।