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Taliban के आगे Kabul का सरेंडर! Afghanistan में सत्ता सौंपने को लेकर जारी है बातचीत

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काबुल: तालिबान (Taliban) ने करीब-करीब पूरे अफगानिस्तान (Afghanistan) पर अपना कब्जा कर लिया है, और अब तालिबान के वार्ताकार सत्ता के बदलाव की तैयारी के लिए राष्ट्रपति के आवास पर मुलाकात करने पहुंच गए हैं. एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि इस मुलाकात का उद्देश्य तालिबान को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता सौंपना है. हालांकि तालिबान ने कहा है कि उनकी ताकत के बल पर सत्ता लेने की योजना नहीं है.

राजदूतों को रेस्क्यू कर सकता है भारत

इसी बीच ब्रिटेन (Britain) ने भी अफगानिस्तान में फंसे अपने राजदूतों को रेस्क्यू करने की घोषणा कर दी है. वहीं भारत भी अफगान में स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है, और वहां फंसे भारतीय राजदूतों के रेस्क्यू करने पर विचार कर रहा है. हालांकि अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) ने सरकारी बलों से राजधानी काबुल (Kabul) में कानून व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया है. बता दें कि तालिबान ने रविवार को पूर्वी शहर जलालाबाद (Jalalabad) पर भी कब्जा कर लिया. इसके अलावा कुनार प्रांत की राजधानी असदाबाद (Asadabad) शहर और पक्तिका प्रांत की राजधानी पर भी तालिबान के आतंकियों का कब्जा हो चुका है.

अब तक 20 से ज्यादा प्रांतों पर किया कब्जा
इससे एक दिन पहले यानी शनिवार को तालिबान ने घोषणा की थी कि उसने उत्तरी क्षेत्र के मजार-ए-शरीफ और मैमाना, देश के पूर्वी हिस्से में गार्डेज और मेहतरलाम शहरों पर कब्जा कर लिया है. मई में लड़ाई तेज होने के बाद से तालिबान अब तक 20 से ज्यादा प्रांतों की राजधानियों पर कब्जा कर चुका है. उल्लेखनीय है कि काबुल में तालिबानी लड़ाकों के घुसने की खबरों के बीच तालिबान ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि तालिबान के लड़ाके अभी फिलहाल काबुल शहर के दरवाजे पर ही रहेंगे और जब तक अफगानिस्तान में सत्ता का हस्तांतरण नहीं हो जाता तब तक काबुल शहर में नहीं घुसेंगे.

US एयर फोर्स की मदद भी नहीं आई काम

अफगानिस्तान के तीन अधिकारियों ने बताया कि तालिबान राजधानी में कलाकन, काराबाग और पघमान जिलों में है. उसने अपने आक्रमण को तेज करते हुए देश के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा लिया है और अफगान सुरक्षा बलों को अमेरिकी सेना के हवाई सहयोग के बावजूद खदेड़ दिया है. इसने कई लोगों को हैरत में डाल दिया है और उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका के प्रशिक्षण और अरबों डॉलर खर्च करने के बावजूद सुरक्षा बलों की स्थिति खराब कैसे हो गई. कुछ दिनों पहले ही अमेरिकी सेना ने अनुमान जताया था कि एक महीने से कम समय में ही राजधानी पर तालिबान का कब्जा हो जाएगा.

बिना किसी शर्त के सरेंडर चाहता है तालिबान

वहीं, तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने बताया कि चरमपंथी काबुल शहर के शांतिपूर्ण हस्तांतरण का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने अपने लड़ाकों और सरकार के बीच किसी भी संभावित वार्ता की जानकारी देने से इनकार कर दिया. हालांकि यह पूछने पर कि तालिबान किस तरह का समझौता चाहता है, इस पर शाहीन ने माना कि वे चाहते हैं कि केंद्र सरकार बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण कर दें. अफगानिस्तान के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि तालिबान के वार्ताकार सत्ता हस्तांतरण पर चर्चा करने के लिए रविवार को राष्ट्रपति आवास पहुंच रहे हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सत्ता हस्तांतरण कब होगा.