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Jammu Kashmir: सरकारी विभागों में कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी निगरानी के लिया गया यह फैसला

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नागरिक सचिवालय जम्मू के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी की निगरानी करने के लिए उपराज्यपाल प्रशासन ने अधिकारियों की टीम का गठन किया है।
सामान्य प्रशासनिक विभाग की तरफ से जारी आदेश के तहत टीमें सभी विभागों में सुबह दस बजे और शाम पांच बजे औचक दौरे करेगी और कर्मचारियों की हाजिरी की जांच करेगी। टीम दिन के हिसाब से दौरे करेगी। जन शिकायत विभाग में विशेष सचिव वीर जी हंगलू, सामान्य प्रशासनिक विभाग में उप सचिव विकास वर्मा, मंगलवार को इंडस्ट्री व कामर्स विभाग में विशेष सचिव कुसुम बडियाल, सामान्य प्रशासनिक विभाग में उप सचिव गिरधारी लाल, बुधवार को हास्पिटलेटी एंड प्रोटोकॉल विभाग के विशेष सचिव पवन सिंह राठौर, सामान्य प्रशासनिक विभाग में उप सचिव मोहम्मद उस्मान खान, वीरवार को समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव शिव कुमार गुप्ता , सामान्य प्रशासनिक विभाग के अधीनस्थ सचिव मोहित रैना, शुक्रवार को खाद्य आपूर्ति व उपभोक्ता मामलों के विभाग के विशेष सचिव माेहम्मद नजीर शेख, सामान्य प्रशासनिक विभाग के अधीनस्थ सचिव रामेश्वर कुमार टीमों के सदस्य बनाए गए है।
वैधता खो चुके मामलों को सिफारिश के लिए न भेजें: सामान्य प्रशासनिक विभाग ने सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों से कहा है कि जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन होने के बाद वैधता खो चुके चयन व प्रतीक्षा सूचियों के मामलों को सिफारिशों के लिए नहीं भेजें। जारी आदेश में कहा है कि यह पाया गया है कि सामान्य प्रशासनिक विभाग को चयन व प्रतीक्षा वाली सूचियां फिर से प्रमाणित करने के लिए आ रही हैं जिसमें जम्मू-कश्मीर सिविल सर्विस विकेंद्रीकरण और भर्ती कानून 2010 में छूट का हवाला दिया जा रहा है। जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन होने से चयन व प्रतीक्षा की सूचियों के मामले अपनी वैधता को खो चुके हैं। यह भी पाया गया है कि विभाग मामलों में देरी का हवाला देते हुए इन्हें सही ठहरा रहे हैं। विभाग ने इस संबंध में पहले ही आदेश जारी किए हैं इसलिए सभी प्रशासनिक विभागों से कहा गया है कि वे चयन सूचियों और प्रतीक्षा सूचियों में मामलों की सिफारिश करने से दूर रहें जो जम्मू कश्मीर सिविल सर्विस विकेंद्रीकरण भर्ती कानून 2010 के तहत जारी की गई जिन की प्रासंगिकता 31 अक्टूबर 2019 को समाप्त हो गई है क्योंकि जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन और कानूनी ढांचे में बदलाव हुआ है। सामान्य प्रशासनिक विभाग ने जम्मू कश्मीर सिविल सर्विस विकेंद्रीकरण भर्ती कानून 2010 के नियम 14 (5) व (7) का हवाला दिया है।