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Jammu: धोखाधड़ी कर बेच दी ट्रस्ट की करोड़ों की जमीन

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क्राइम ब्रांच जम्मू ने राजीव गांधी ट्रस्ट की करोड़ों की भूमि को राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बेचने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले के आरोपितों वकील अशोक विजय गुप्ता, बिश्नाह की चक अवतारा तहसील के पूर्व नायब तहसीलदार प्रेम प्रकाश (जिनकी मृत्यु हो चुकी है), पूर्व पटवारी शिवकुमार शर्मा (मौजूदा समय में नायब तहसीलदार मजालता) और पूर्व पटवारी अनवर सदोत्रा (इस समय मंडलायुक्त कार्यालय में गिरदावर) से क्राइम ब्रांच जल्द पूछताछ करेगी। क्राइम ब्रांच के अनुसार इस मामले में कई और लोगों पर शिकंजा कसा जा सकता है।

इंदुभूषण गुप्ता ने उपराज्यपाल प्रशासन को पत्र लिखकर बिश्नाह के राजीव गांधी ट्रस्ट की भूमि भूमाफिया द्वारा बेचे जाने की शिकायत की थी। इसका संज्ञान लेते हुए मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। शिकायत में इंदुभूषण गुप्ता ने बताया कि उनके चाचा हिमनरेश्वर गुप्ता का देहांत 26 वर्ष पूर्व हुआ था। उन्होंने शादी नहीं की थी। उनकी मृत्यु के बाद शिकायतकर्ता के पिता रघुनाथ दास ने उनका अंतिम संस्कार किया था।

उनके चाचा हिमनरेश्वर गुप्ता ने अपनी मौत से पूर्व एक वसीयत बनाई थी, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति के लिए राजीव गांधी ट्रस्ट बनाया। इसमें उन्होंने अपने कुछ मित्रों को ट्रस्टी बनाया था। ङ्क्षहदू भूषण गुप्ता ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में शामिल वकील अशोक विजय गुप्ता ने ट्रस्ट के नियमों के विरुद्ध जाकर धोखाधड़ी करते हुए राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर ट्रस्ट की संपत्ति को बेच दिया। शिकायत की जांच शुरू करने पर क्राइम ब्रांच ने भूमि से जुड़े राजस्व रिकार्ड और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया।

बिश्नाह में 45 कनाल जमीन, जम्मू और श्रीनगर में चार कनाल के मकान थे ट्रस्ट के नामशिकायतकर्ता इंदुभूषण गुप्ता ने बताया कि उनके चाचा हिमनरेश्वर गुप्ता ने बिश्नाह में 45 कनाल जमीन, जम्मू के सुंदर सिंह मार्ग में एक बड़ा मकान, श्रीनगर के गोगजी पार्क इलाके में चार कनाल की कोठी राजीव गांधी ट्रस्ट के नाम की थी। उन्होंने इस ट्रस्ट का गठन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने व नकद पुरस्कार देने, समाज की बेहतरी के लिए काम करने वाली शख्सियतों को सम्मानित करने, महिलाओं को सामाजिक व अन्य क्षेत्रों में प्रोत्साहित करने के लिए किया था।

ट्रस्ट में शामिल दोस्तों ने ही की दगाइंदुभूषण गुप्ता ने बताया कि उनके चाचा हिमनरेश्वर गुप्ता ने इस ट्रस्ट में परिवार के किसी व्यक्ति को इसलिए शामिल नहीं किया था कि कहीं लोग यह न कहें कि उन्होंने परिवार वालों को ही ट्रस्टी बना दिया। इसलिए उन्होंने अपने दोस्तों को ट्रस्टी बनाया, लेकिन उनके दोस्तों ने ही उनके साथ दगा किया। इंदुभूषण ने बताया कि वे काफी समय से इस ट्रस्ट के नाम पर संपत्ति की हो रही लूट की शिकायत कर रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। उन्होंने करीब चार वर्ष पहले राज्यपाल से भी इस धोखाधड़ी की जांच करवाने के लिए गुहार लगाई थी। अब क्राइम ब्रांच के पास जब शिकायत पहुंची तो क्राइम ब्रांच ने जांच पूरी करने के बाद आरोप सही पाए और आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन्हें उम्मीद है कि अब उनके साथ न्याय होगा।