Home Jammu Kashmir Jammu Jammu: जम्मू के ड्राइफ्रूट बाजार में आया तूफान, जानिये क्या है वजह

Jammu: जम्मू के ड्राइफ्रूट बाजार में आया तूफान, जानिये क्या है वजह

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अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के साथ जम्मू के मेवा बाजार में तूफान अा गया है। सूखे मेवों के दाम में अचानक उछाल गया है और इनके दाम 300 रुपये किलो तक बढ़ गए है। इसके पीछे अफगानिस्तान से सूखे मेवों के आयात बंद होने को मुख्य कारण बताया जा रहा है। हालांकि इसे भविष्य में आयात कम होने या बंद होने की सूरत में बिचौलियों द्वारा भंडारण किए जाने की नजर से भी देखा जा रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में ये दाम और बढ़ेंगे क्योंकि जम्मू-कश्मीर में सूखे मेवों की आर्पूति मुख्य रूप से अफगानिस्तान से ही होेती है।

जम्मू-कश्मीर में स्थानीय उत्पाद के अलावा अफगानिस्तान से सूखे किशमिश, अखरोट, बादाम, अंजीर, पाइन नट, पिस्ता, सूखे खुबानी और खुबानी, चेरी, तरबूज और औषधीय जड़ी-बूटियों की आदम होती है। अफगानिस्तान में राजनीतिक स्थिति की अनिश्चितता के कारण दाम पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं और मंगलवार को सूखे मेवों के दाम में वृद्धि जम्मू में भी देखने को मिली। जम्मू के व्यापारी मुख्य रूप से दिल्ली-मुंबई की बड़ी मंडियों के माध्यम से आयात करते हैं और व्यापारियों की माने तो सूखे मेवों के कई शिपमेंट फंसे हुए है जिससे उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। अगर यहीं हालात रहे तो जम्मू के व्यापारियों का ही करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाएगा।

-भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2020-21 में 1.4 बिलियन अमरीकी डालर था, जबकि 2019-20 में 1.52 बिलियन अमरीकी डालर था। भारत से निर्यात 826 मिलियन अमरीकी डालर था और 2020-21 में आयात 510 मिलियन अमरीकी डालर था। बड़ी मात्रा में भुगतान अवरुद्ध होने की संभावना है जो व्यापारियों को कमजोर स्थिति में डाल देगा। सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए और वित्तीय संकट का सामना करने की स्थिति में व्यापारियों की मदद करनी चाहिए। हालात बताते है कि एक निश्चित समय के लिए व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाएगा, क्योंकि अफगानिस्तान में स्थिति नियंत्रण से बाहर है। -नीरज आनंद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कांफेडरेशन आफ इंडिया ट्रेडर्स
-अफगानिस्तान भूमि से घिरा देश है और हवाई मार्ग आयात-निर्यात का मुख्य माध्यम है जो कि अब बाधित हो गया है। अनिश्चितता कम होने के बाद ही व्यापार फिर से शुरू होगा। सबसे अधिक संभावना है कि आयात करने के लिए तीसरे देशों के माध्यम से सौदा करना होगा। इससे खर्च बढ़ेगा। आगे स्थिति कैसे बदलती है, इस पर नजर रखनी पड़ेगी। हमारे व्यापारियों का भी काफी पैसा फंसा हुआ है और अगर उनके आर्डर समय पर नहीं पहुंचे तो इससे भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। हम हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार भी अफगानिस्तान के मौजूदा हालात से व्यापार पर पड़ने वाले असर पर गौर करेगी। -अरूण गुप्ता, प्रधान, चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू
-जम्मू में सूखे मेवों की आर्पूति में अफगानिस्तान से काफी मात्रा में आयात होता है। यह आयात पिछले कई दिनों से प्रभावित है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। कुछ सूखे मेवे है जिनके दाम चंद दिनों में ही 50 फीसद से अधिक बढ़ गए है। दामों में वृद्धि का यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है। अफगानिस्तान से आयात बंद होने के कारण कश्मीर के सूखे मेवों की मांग बढ़ी है। इसलिए दामों में चौतरफा तेजी देखी जा रही है। ऐसे हालात में बिचौलियों द्वारा किसी तरह का भंडारण या कालाबाजारी न की जाए, इस पर हम पूरी नजर रखे हुए है। -दीपक गुप्ता, प्रधान, ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस-नेहरू मार्केट-
एक सप्ताह पूर्व के दाम(प्रति किलो) मौजूदा दाम

बादाम गिरी : 600 900
पिस्ता : 700 900
मुनका : 450 650
खुमानी : 250 450
अंजीर : 750 950