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जम्मू-कश्मीर में रोजागर को लेकर बुरी खबर, तीसरे साल भी स्थगित हुआ यह बड़ा आयोजन

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केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश के औद्योगिक व आर्थिक विकास के लिए प्रस्तावित वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन को प्रदेश प्रशासन ने एक बार फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। कारण, कोरोना महामारी का संकट। परिस्थितियों के सामान्य रहने पर प्रदेश सरकार इसे मई-जून में आयोजित करने पर गंभीरता से विचार कर रही थी। अलबत्ता, निवेशक सम्मेलन को स्थगित किए जाने पर जम्मू कश्मीर ट्रेड प्रोमोशन आर्गेनाईजेशन(जेकेटीपीओ) ने काेई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जेकेटीपीओ और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारी भी इस मुद्​दे पर बातचीत से कतराते हैं।आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के आर्थिक व औद्योगिक विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए देश-विदेश के पूंजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जम्मू-कश्मीर में वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन की एक योजना 2018 के अंत मे तैयार की गई थी। इसके मुताबिक यह सम्मेलन सितंबर-अक्तूबर 2019 में आयोजित करने का प्रस्ताव था, लेकिन पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लागू किए जाने से उपजे हालात को देखते हुए इसे स्थगित किया गया। इसके बाद फरवरी 2020 में केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश सरकार ने इसके आयोजन की तैयारियों को फिर गति दी और देश-विदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रोड शो और सम्मेलन आयोजित किए गए।मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति भी बनाई गई। इसके आयाेजन के लिए श्रीनगर में होटलों की बुकिंग भी शु़रु कर दी गई और अप्रैल 2020 में इसके आयोजन का फैसला हो गया, सिर्फ तिथि का एलान करना शेष था। लेकिन कोविड-19 संक्रमण से निपटने के लिए लागू लाॅकडा़उन के कारण सम्मेलन स्थगित कर दिया गया।

जेकेटीपीओ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रदेश प्रशासन ने एक बार फिर वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन की तैयारियां शुरु कर दी थी। बीते दो माह से इसके लिए लगातार कवायद हो रही थी। इसे मई के दूसरे पखवाड़े में या फिर जून के पहले सप्ताह में आयोजित किए जाने संभावनाओं पर मंथन भी हो रहा था। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने उन सभी निवेशकों व कंपनियों के साथ दोबारा संपर्क बनाना शुरु कर दिया था जिन्होंने बीते साल जम्मू-कश्मीर वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हिस्सा लेने और जम्मू-कश्मीर में निवेश की इच्छा जताई थी।उन्होंने बताया कि बीते एक 10 दिनों के दौरान निवेशक शिखर सम्मेलन के मुद्दे पर लगभग सभी प्रकार की चर्चा और कवायद एक तरह से बंद हो चुकी है। कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर प्रदेश सरकार अब प्रस्तावित सम्मेलन को इस महामारी के संकट के पूरी तरह दूर होने के बाद ही अायाेजित करना चाहती है। कोरोना संकट के बीच न कोई निवेशक और उद्योगपति जम्मू-कश्मीर में आना चाहेगा और न प्रशासन इस तरह के आयोजन पर अपना ध्यान लगाना चाहता है। उन्होंने बताया कि बीते साल जब देश-विदेश में शिखर सम्मेलन को लेकर एक अभियान चलाया गया था तो विभिन्न कंपनियों के साथ 23152 करोड़ रूपये के निवेश से संबधित 456 एमओयू तय किए गए थेे।