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शिक्षा के लिए बजट में जम्मू—कश्मीर समेत पूरे देश के लिए क्या कुछ है खास

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा कि 758 स्कूल आदिवासी क्षेत्रों में खोले जाएंगे, जिससे की आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। ये स्कूल एकलव्य स्कूल होंगे। इससे आदिवासी छात्रों को बड़ी मदद मिल सकेगी। बजट भाषण में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रभावी गुणवत्ता को दृष्टिगोचर करते हुए 15 हजार सरकारी स्कूलों का स्तर बढ़ाएगा।

एनआरएफ के लिए 50 हजार करोड़
निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत हायर एजुकेशन कमीशन का गठन किया गया है। यह देश में उच्च शिक्षा का एकमात्र नियामक होगा। 2019 के बजट में नेशनल रिसर्च फाउंडेशन खोलने की घोषणा की गई थी। अब 2021-22 के बजट में इसके लिए अगले पांच साल के लिए 50 हजार करोड़ की व्यवस्था की जा रही है ताकि देशभर में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके।
35 हजार करोड़ का विशेष फंड
वित्त मंत्री ने अनुसूचित जाति के 04 करोड़ विद्यार्थियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपए के विशेष फंड का एलान किया है। जिससे उनके अध्ययन में आने वाली बाधाओं को दूर करते हुए उनके लिए उच्च शिक्षा को सुलभ बनाया जा सकेगा।
कौशल विकास पर जोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा कि देश में बेहतर रोजगार के लिए कौशल विकास एवं प्रशिक्षण के दृष्टिकोण से युवाओं को तैयार करने के लिए नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम शुरू की जाएगी। वहीं, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत अन्य परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारत सरकार संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर स्किल ट्रेनिंग पर काम रही है। जिससे कि देश के युवाओं को गुणवत्ता और रोजगारपरक कौशल युक्त बनाया जा सके।
इस संबंध में भारत सरकार ने जापान की सरकार के साथ मिलकर भी एक प्रोजेक्ट को शुरू किया है। इससे बेरोजगारी में कमी आएगी और युवाओं को बेहतरीन रोजगार के अवसर सुलभ हो पाएंगे