Home National पवित्र सावन महीने हुए संपन्न, मंदिरों में लगा श्रद्धालुओं का ताँता

पवित्र सावन महीने हुए संपन्न, मंदिरों में लगा श्रद्धालुओं का ताँता

474
SHARE

सावन महीने के आखिरी सोमवार को आज लोगों ने भगवान शिव की अराधना कर धर्म के प्रति अपनी आस्था जताई। सावन माह में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्त्व माना जाता है जिसमें विशेषकर सोमवार का दिन बेहद अहमियत रखता है। पिछले तीन सोमवार जहां शिव मंदिरों में लोगों ने हाज़िरी देकर और भगवान का जलाभिषेक कर सुख स्मृद्धि की मन्नतें मांगीं। वहीं, आज भी यह सिलसिला जारी रहा।

सावन महीने के अंतिम सोमवार को जम्मू के साथ-साथ ज़िले के अन्य इलाकों में भी आज शिव मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा रहा। अखनूर और विजयपुर के साथ-साथ कई अन्य इलाकों में आज सुबह-सवेरे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। लोगों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर धर्म के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया।

आपको बता दें कि श्रावण मास हिंदी कैलेंडर में पांचवें स्थान पर आता हैं और इस ऋतु में वर्षा का प्रारंभ होता हैं। शिव जो को श्रावण का देवता कहा जाता हैं उन्हें इस माह में भिन्न-भिन्न तरीकों से पूजा जाता हैं। पूरे माह धार्मिक उत्सव होते हैं और विशेष तौर पर सावन सोमवार को पूजा जाता हैं।

कहा जाता है कि सावन भगवान शिव का अति प्रिय महीना होता है। इसके पीछे की मान्यता यह हैं कि दक्ष पुत्री माता सती ने अपने जीवन को त्याग कर कई वर्षों तक श्रापित जीवन जीया। उसके बाद उन्होंने हिमालय राज के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया। पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए पूरे सावन महीने में कठोरतप किया जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनकी मनोकामना पूरी की। अपनी भार्या से पुन: मिलाप के कारण भगवान शिव को श्रावण का यह महीना अत्यंत प्रिय हैं। यही कारण है कि इस महीने कुमारी कन्या अच्छे वर के लिए शिव जी से प्रार्थना करती हैं।

मान्यता हैं कि सावन के महीने में भगवान शिव ने धरती पर आकार अपने ससुराल में विचरण किया था जहां अभिषेक कर उनका स्वागत हुआ था इसलिए इस माह में अभिषेक का महत्व बताया गया हैं।