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देश के 15 राज्यों में गाड़ियों के कटेंगे ई-चालान, जानें कैसे मिलेगी चालान कटने की जानकारी

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देश के कई राज्यों में नशे में वाहन चलाने, तेज गति से गाड़ी चलाने समेत कई यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ई-चालान सिस्टम के जरिये चालान काटे जाएंगे। कई राज्यों ने ई-चालान सिस्टम शुरू किया है। इनमें बिहार, चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और पुडुचेरी शामिल हैं।

इंटीग्रेटेड इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी बेस्ड सिस्टम शुरू
केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए इंटीग्रेटेड इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी बेस्ड सिस्टम शुरू किया गया है। ट्रैफिक पुलिस कर्मी और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की टीमें एंड्रॉयड बेस्ड मोबाइल एप और वेब एप्लीकेशन के जरिए ई-चालान भेजेंगे। इस सिस्टम का फायदा यह होगा कि जुर्माऩा राशि सीधे संबंधित अथॉरिटी तक पहुंचेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुरू किया ई-चालान
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने ई-चालान सिस्टम पर काम भी शुरू कर दिया है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर अगर वाहन चालक गति सीमा का उल्लंघन करेंगे, तो उनका ई-चालान काट दिया जायेगा। आगरा एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते हादसों को रोकने के लिए यूपीडा यानी उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने नया नियम लागू किया है।

3 घंटे से कम वक्त में पार किया एक्सप्रेस-वे, तो कटेगा चालान
इस नियम के तहत अगर आपने 336 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे को 3 घंटे से कम वक्त में पार किया, तो आपका ई-चालान कट जायेगा। वहीं इसकी शुरूआत भी हो चुकी है और दो दिनों में अब तक 25 से ज्यादा ई-चालान काटे जा चुके हैं। यूपीडा का कहना है कि लखनऊ से आगरा पहुंचने में साढ़े चार घंटे का वक्त लगता है, लेकिन लोग इसे ओवर स्पीडिंग के जरिए 3 घंटे में ही यह दूरी तय कर रहे थे, जिससे लगातार हादसों की खबरें सामने आ रही थीं।

वाहन की फोटो और डाटा की रिपोर्ट लखनऊ और आगरा पहुंचेगी
यूपीडा के अध्यक्ष अवनीश कुमार अवस्थी का कहना है कि ई-चालान काटने के लिए आगरा और लखनऊ टोल प्लाजा पर आधुनिक उपकरण स्थापित किये गए हैं। इन उपकरणों की मदद से वाहन की फोटो और डाटा की रिपोर्ट ईमेल के जरिए लखनऊ और आगरा पहुंच जायेगी, जिसके बाद यातायात पुलिस अधीक्षक ई-चालान जारी करेंगे।

कैसे करेगा काम
अगर आप कोई ट्रैफिक कानूनों का उल्लंघन करते हैं, तो वहां लगे सीसीटीवी ई-चालान सिस्टम में रिकॉर्ड फटेज से गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर का स्क्रीन शॉट लेकर सारथी और वाहन एप पर डिटेल्स अपडेट करेगी और चालान की डिटेल्स आपके मोबाइल फोन पर भेजी जाएंगी। वहीं अगर किसी अन्य में राज्य में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो आरटीओ ऑफिस के जरिये चालान की डिटेल्स भेजी जाएंगी। यही वजह है कि सरकार ड्राइविंग लाइसेंस के साथ आधार को जोड़ने की कवायद कर रही है।

ऑनलाइन पोर्टल पर मिलेंगी डिटेल्स
वहीं वाहन स्वामी ऑनलाइन पोर्ट्ल के जरिए जान सकेंगे कि उनका चालान कब और कहां कटा है। उन्हें केवल वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा और ई-फॉर्म को भरने के बादल ऑनलाइन ही चालान भर सकेंगे। वाहन और सारथी डाटाबेस के जरिये देश के सभी स्थानीय परिवहन दफ्तरों (आरटीओ) को इससे जोड़ा गया है। इस सिस्टम में यातायात पुलिसकर्मी नियम तोड़ने वालों का बैकग्राउंड एक क्लिक में जान सकेंगे।

ऑनलाइन भर सकते हैं ई-चालान
सरकार ने ई-चालान के लिये एक वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in/ भी बनाई है, जहां वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर या फिर चालान नंबर से पता कर सकेंगे कि चालान कहां और कितना कटा है। जिसके बाद घर बैठे ही नेटबैंकिंग, पेटीएम के जरिये चालान की राशि का भुगतान किया जा सकता है। इसका अलावा सभी राज्यों की ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ की वेबसाइट पर ई-चालान का लिंक दिया जाएगा।

पेंडिंग चालान का क्लीयरेंस जरूरी
वहीं इस सिस्टम के जरिये दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड वाहनों का भी चालान काटा जा सकेगा, साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि फलां वाहन पर कितने चालान पेंडिंग हैं। वहीं चालान की राशि चुकाये बिना न तो फिटनेस सर्टिफिकेट जारी हो सकेगा और न ही वाहन को किसी अन्य के नाम पर ट्रांसफर कर सकेंगे।