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तालिबान ने महज चार महीने में किया अफगानिस्‍तान पर कब्‍जा, जानें- कैसे बदले हालात

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तालिबान ने अफगानिस्‍तान की राजधानी काबुल पर कब्‍जा कर अपनी सत्‍ता का रास्‍ता पूरी तरह से साफ कर लिया है। दो दशक के बाद तालिबान ने सत्‍ता पाने की मुहिम तो काफी समय पहले से ही शुरू कर रखी थी, लेकिन उसको सफलता आखिरी चार माह में मिली है। अप्रैल से अगस्‍त के बीच तालिबान ने जिस तेजी के साथ अफगानिस्‍तान के इलाकों को एक के बाद एक कर अपने कब्‍जे में लिया वो वास्‍तव में हैरान करने वाली है।

वर्तमान समय में तालिबान के कब्‍जे के बाद काबुल में अफरातफरी का माहौल है। काबुल एयरपोर्ट पर देश छोड़कर जाने वालों की जबरदस्‍त भीड़ है। यहां के बिगड़ते हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां की बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए गोलियां तक चलाई गई हैं जिसमें कुछ लोगों की मौत तक होने की खबर है। तालिबान के यहां पर कदम रखने के बाद से लोगों में अपनी जान बचाकर देश छोड़कर जाने की होड़ लगी हुई है।

कैसे बढ़ता गया तालिबान आगे

14 अप्रैल 2021: अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने किया 11 सितंबर से पहले अपनी सेना की वापसी का एलान। 1 मई से शुरू हुई वापसी। इसके साथ ही अमेरिका ने अपने सबसे लंबे चले युद्ध को खत्‍म करने का एलान भी कर दिया था।
4 मई 2021: दक्षिणी हेलमंड समेत छह अन्‍य प्रांतों पर तालिबान ने अफगान सेना पर जबरदस्‍त हमला किया।
11 मई 2021: तालिबान ने काबुल के बाहरी क्षेत्र में स्थित नेरख जिले पर कब्‍जा किया।
7 जून 2021: सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लड़ाई तेज हो गई है और पिछले 24 घंटे में 150 अफगानी सैनिक मारे गए हैं। देश के 34 में से 26 प्रांतों में लड़ाई भीषण होती जा रही है।
22 जून 2021: तालिबानी आतंकियों ने अपने गढ़ दक्षिण से इतर उत्तरी अफगानिस्तान में हमले तेज कर दिए। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के राजनयिक ने बताया कि तालिबानियों ने 370 में से 50 से ज्यादा जिलों पर कब्जा जमा लिया है।
2 जुलाई 2021: अमेरिकी सेना ने बागराम एयर बेस स्थित अपने मुख्य सैन्य अड्डे को खाली कर दिया। काबुल के करीब स्थित इस सैन्य अड्डे के खाली करने के साथ ही अमेरिका की सीधी संलिप्तता खत्म हो गई।
5 जुलाई 2021: तालिबान ने अफगानिस्तान सरकार को अगस्त तक लिखित शांति प्रस्ताव देने की बात कही।
21 जुलाई 2021: अमेरिका के वरिष्ठ जनरल ने बताया कि तालिबानी आतंकियों ने देश के लगभग आधे जिलों पर कब्जा कर लिया है।
25 जुलाई 2021: अमेरिका ने आने वाले हफ्तों में अफगानिस्तान को मदद जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि तालिबान से मुकाबले के लिए वह हवाई हमले तेज करेगा।
26 जुलाई 2021: संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि मई व जून के दौरान करीब 2,400 नागरिक मारे गए या घायल हुए हैं। यह वर्ष 2009 के बाद उन महीनों की सबसे बड़ी संख्या है।
6 अगस्त 2021: देश के दक्षिण में स्थित जारंज पहला प्रांतीय राजधानी रहा, जिस पर तालिबानियों ने वर्षो में कब्जा जमाया। इसके बाद उत्तर में स्थित कुंदुज समेत कई प्रांतीय राजधानियों पर तालिबान काबिज होता चला गया।
13 अगस्त 2021: कंधार समेत चार प्रांतीय राजधानियों पर तालिबान काबिज हो गया। हेरात पर कब्जा करते हुए तालिबान के खिलाफ लड़ने वाले प्रमुख कमांडर मुहम्मद इस्माइल खान को बंदी बना लिया गया।
14 अगस्त 2021: तालिबान ने हल्की झड़प के बाद उत्तर के प्रमुख शहर मजार ए शरीफ व काबुल से महज 70 किमी दूर पुल ए आलम पर कब्जा जमा लिया। अमेरिका ने काबुल से अपने नागरिकों की सकुशल वापसी के लिए और सैनिक भेजे। अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि वह अगला कदम उठाने के लिए स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से बात कर रहे हैं।
15 अगस्त 2021: बिना किसी लड़ाई के तालिबान प्रमुख शहर जलालाबाद पर कब्जा करते हुए राजधानी काबुल में प्रवेश कर गया।
आपको यहां पर ये भी बता दें कि अफगानिस्‍तान के जो हालात आज दिखाई दे रहे हैं उनकी रूपरेखा अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने तैयार की थी। उन्‍होंने न सिर्फ यहां से अपनी फौज को बाहर निकालने की घोषणा की थी बल्कि तालिबान के साथ समझौता भी किया था। उनके इस समझौते को आगे बढ़ाने का काम मौजूदा राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने किया है। उन्‍होंने अपनी सरकार बनने के बाद इस बात की घोषणा कर दी थी कि सितंबर 2021 तक अमेरिका और नाटो सेनाएं यहां से वापस चली जाएंगी।
इस घोषणा के बाद से मई 2021 में तालिबान ने अफगानिस्‍तान में हमले तेज किए और एक के बाद एक प्रांतों को अफगान सरकार से छीनता चला गया। इस दौरान अफगान वायु सेना और अमेरिका ने भी तालिबान पर कई हमले किए जिसमें काफी संख्‍या में तालिबान आतंकी मारे गए। लेकिन अंतत: तालिबान अफगानिस्‍तान पर कब्‍जा करने में सफल हो ही गया है।