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जम्‍मू-कश्‍मीर: जैश-ए-मोहम्‍मद के 19 साल के बम एक्‍सपर्ट को तलाश रही है सेना

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दक्षिण कश्‍मीर के पुलवामा जिले में पिछले सप्‍ताह 44 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स के काफिले के पास विस्‍फोट में इस्‍तेमाल आईईडी को 19 वर्षीय जैश-ए-मोहम्‍मद आतंकवादी मुन्‍ना लाहोरी ने तैयार किया था। एक वरिष्‍ठ खुफिया अधिकारी ने बताया कि मुन्‍ना ने ही इस बम को बनाया और उसी ने इसमें विस्‍फोट किया था। सुरक्षा एजेंसियों ने मुन्‍ना को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
गत 17 जून को हुए इस विस्‍फोट में सेना के दो जवान शहीद हो गए थे और कई अन्‍य घायल हो गए थे। सुरक्षा बलों ने मुन्‍ना को अरेस्‍ट करने के लिए पुलवामा और शोपियां इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक लाहोरी वाहनों में फिट किए जाने वाले आईईडी को बनाने में माहिर है। वह बड़े पैमाने पर हथियारों और विस्‍फोटकों के साथ पिछले साल कश्‍मीर में दाखिल हुआ था।

पुलवामा-शोपिंया बेल्‍ट में अपना अड्डा बनाया
सूत्रों ने बताया कि मुन्‍ना और उसके साथियों ने पुलवामा-शोपिंया बेल्‍ट में अपना अड्डा बनाया है। यहां वे लोग कश्‍मीरी युवाओं को स्‍थानीय सामान के इस्‍तेमाल से आईईडी बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि लाहोरी पुलवामा की तरह से और हमले करने की योजना बना रहा है। एक वरिष्‍ठ खुफिया अधिकारी ने कहा, ‘दक्षिण कश्‍मीर के आतंकवादियों के कार्यशैली में बड़ा बदलाव आ रहा है। वे अपनी जिंदगी को खतरे में डाले बिना आईईडी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।’

दक्षिण कश्‍मीर में चार जिले-पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग- आतंकवाद प्रभावित हैं। इनमें पुलवामा में सबसे ज्‍यादा आतंकी घटनाएं होती हैं। इस बीच आईईडी के खतरे को देखते हुए सुरक्षा बलों ने घाटी में बम तलाश करने वाले दस्‍ते की संख्‍या को बढ़ा दिया है। बता दें कि पिछले छह महीने में आतंकवाद निरोधक अभियानों में कश्‍मीर में 117 आतंकवादी मारे गए हैं। इसमें 89 स्‍थानीय आतंकवादी थे।