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जम्मू मे्ं मिली आइईडी में कुछ ऐसा लिखा था कि मंसूबों होते कामयाब तो दहल जाता शहर

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जम्मू शहर बड़े नापाक मंसूबों से बाल—बाल बचा है! आप को बता दें किजम्मू में पकड़ी गई आइईडी से आतंकी संगठन अल बदर ज्यादा से ज्यादा तबाही मचाना चाहता था। इसमें गलती की कोई गुंजाइश न रहे, इसके लिए बकायदा आइईडी के ऊपर विशेष हिदायत लिखकर दी गई थी।
लोहे की कड़ाईनुमा इस आइईडी के ऊपर उर्दू में स्पष्ट लिखा था कि यह साइड दुश्मन की तरफ रखें। बरामद आइईडी पूरी तरह से तैयार थी। उसे सिर्फ सक्रिय करना बाकी था। जिस तरह से आइईडी पर निर्देश लिखे मिले हैं, उससे यही अंदेशा लगाया जा रहा है कि इन्हें सीमा पार पाकिस्तान में तैयार किया जा रहा है और उसे फिट करने के लिए नौसिखियों की मदद ली जा रही है, ताकि उन पर किसी को शक न हो। डीजीपी दिलबाग सिंह ने भी कहा है कि यह आइईडी पाकिस्तान में तैयार कर भेजी गई थी।पाकिस्तान ने बदले लश्कर और जैश के नाम: पुलवामा की दूसरी बरसी पर जम्मू को दहलाने की एक सप्ताह से जारी साजिशों को पुलिस ने नाकाम बना दिया है। आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ) और लश्कर ए मुस्तफा के दो चीफ कमांडर पकड़े जा चुके हैं। पाकिस्तान आतंकी संगठनों के नाम भी बदल रहा है। लश्कर ए तैयबा का नया नाम द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) और जैश-ए-मोहम्मद का लश्कर-ए-मुस्तफा दिया गया है। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने माना कि दोनों संगठन जम्मू में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने की फिराक में हैं। जम्मू-कश्मीर में दम तोड़ रहे आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए पाकिस्तान से साजिश रची जा रही हैं। डीजीपी ने बताया कि गत शनिवार को सांबा के बड़ी ब्राहृाणा के तेली बस्ती से पुलिस ने टीआरएफ के चीफ कमांडर जहूर राथर उर्फ साहिल उर्फ खालिद ने जम्मू में नेटवर्क को बढ़ाने की जिम्मेदारी स्वीकार की है। तेली बस्ती से कुछ लोगों से पूछताछ की गई।
पाकिस्तान से बनाकर भेजी गई थी आइईडी: जम्मू-कश्मीर पुलिस पहले से ही अलर्ट पर थी। इसके चलते जारी तलाशी अभियान के दौरान यह आइईडी बरामद हुई है। यह आइईडी पाकिस्तान से बनाकर भेजी गई थी। आइईडी फिट करने वाले पकड़े गए हैं। पूरी चेन को पकड़ने के लिए जांच जारी है। -दिलबाग सिंह, डीजीपी जम्मू कश्मीर