Home Jammu Kashmir Kashmir जम्मू-कश्मीर में IED से हमले ने सुरक्षाबलों की परेशानी बढ़ाई

जम्मू-कश्मीर में IED से हमले ने सुरक्षाबलों की परेशानी बढ़ाई

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जम्मू-कश्मीर में इस साल अभी तक गाड़ियों में आईईडी रखकर तीन हमले हो चुके हैं, जिसने सुरक्षाबलों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसे राज्य में मौजूद सुरक्षाबलों के लिए बड़े खतरे के रूप में देखा जा रहा है। ताजा आईईडी हमला सोमवार को शोपियां में हुआ, जब 44 राष्ट्रीय राइफल्स का बख्तरबंद काफिला गुजरते समय सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी में विस्फोट हो गया। इस हमले में ड्राइवर केबिन में बैठे दो जवान शहीद हो गए, जबकि कुछ अन्य को मामूली चोटें आईं। इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक त्राल में भी एक ऐसे ही हमले की योजना बनाई गई थी। सुरक्षाबलों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आत्मघाती आईईडी विस्फोट के बाद से ऐसे इटेंलिजेंस इनपुट में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें आतंकियों को सीमापार आईईडी की ट्रेनिंग दिए जाने का जिक्र है। यह भी खबर मिली है कि आतंकियों को इसके लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है और विस्फोटकों को स्थानीय स्तर पर बनाने की कोशिश की जा रही है। जैश-ए-मोहम्मद के टॉप बम मेकर अब्दुल राशिद गाजी को भी स्थानीय आतंकियों को ट्रेनिंग के लिए भेजे जाने की खबर है।
घुसपैठ से जुड़ी गतिविधियों में कमी आई है। हालांकि सूत्रों का कहना है आतंकी संगठन अब इसकी जगह बम और आईईडी बनाने वाली सामग्रियों को सीमा पार से भेजने में लगे हुए है। अधिकारी ने बताया, ‘जम्मू कश्मीर में स्मगलिंग रूट पहले से काफी प्रभावी है। राज्य में काफी मात्रा में ड्रग्स की तस्करी की जाती है। यहां ड्रग की स्थिति शायद पंजाब से भी बुरी है। इस बात की संभावना है कि हाल के कुछ महीनों में काफी मात्रा में एक्सप्लोसिव भी स्मगल करके लाया गया है।’ बता दें कि, पुलवामा हमले के बाद से सुरक्षाबलों ने घाटी में ऑपरेशन तेज कर दिया है, जिसके चलते अभी तक 115 से ज्यादा आतंकी मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।