Home National जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी शुरू, CEO ने बुलाई बैठक

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी शुरू, CEO ने बुलाई बैठक

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जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी इस प्रक्रिया की समीक्षा के लिए जिला चुनाव अधिकारियों की बैठक बुला रहे हैं। चुनाव इस साल के अंत तक होने की संभावना है। एक आधिकारिक आदेश में बताया गया कि मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) शैलेंद्र कुमार दो अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 22 जिला चुनाव अधिकारियों और अन्य चुनाव कर्मियों के साथ बैठक करेंगे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक में मतदाता सत्यापन कार्यक्रम की समीक्षा की जाएगी जिसमें निवासी मतदाता सूची में उनके नामों की जांच कर सकेंगे, नये पंजीकरण करा सकेंगे, मतदाता विवरण में बदलाव और वोटर आईडी कार्डों में सुधार कर सकेंगे। दिल्ली में निर्वाचन आयोग (ईसी) ने कहा कि वह 15 अगस्त को अमरनाथ यात्रा समाप्त के बाद राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों पर फैसला करेगा।

उसने कहा कि चुनाव समिति ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि जम्मू कश्मीर में इस साल के अंत तक चुनाव कराने पर विचार किया जाएगा और निर्वाचन आयोग खुफिया सूचनाओं के आधार पर नियमित रूप से राज्य में स्थिति की निगरानी करता रहेगा और अमरनाथ यात्रा समाप्त होने के बाद चुनावी कार्यक्रम की घोषणा करेगा। राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए हाल ही में केंद्रीय अर्धसैन्य बलों की 100 अतिरिक्त टुकड़ियों को भेजा गया है। इनमें से 20 टुकड़ियां कश्मीर और 20 जम्मू में भेजी गई हैं।

टुकड़ियां भेजे जाने के कारण राज्य में व्यापक पैमाने पर हलचल पैदा हो गई। कयास लगाए जाने लगे कि केंद्र अनुच्छेद 35-ए हटा रहा है। इस बीच, भाजपा ने बुधवार को अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय को जम्मू कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। भाजपा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खन्ना की नियुक्ति को मंजूरी दी है। खन्ना तुरंत प्रभाव से नया प्रभार संभालेंगे।

पार्टी के सदस्यता अभियान के लिए यहां मौजूद भाजपा महासचिव राम माधव ने भी कहा कि उनकी पार्टी की निर्वाचन आयोग से जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग है। भाजपा के पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद जम्मू कश्मीर में 19 जून 2018 को राज्यपाल शासन लगाया गया।

बहरहाल, नयी सरकार के गठबंधन के लिए पीडीपी में खरीद-फरोख्त और दल-बदल के आरोपों के बीच पिछले साल 21 नवंबर को विधानसभा भंग कर दी गई। राज्यपाल शासन के छह महीने बीतने के साथ राज्य में इस साल जनवरी से राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। कानून के अनुसार, विधानसभा भंग होने के छह महीने के भीतर राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने होते हैं।