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जम्मू—कश्मीर में इन कारणों से कोरोना के साथ बड़ गया है इस बीमारी का खतरा

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बरसात के लंबा खिंचने से डेंगू का खतरा बढ़ गया है। अमूमन 15 सितंबर तक मानसून लौट जाता है, लेकिन इस बार आखिर तक बारिश हो रही है। इससे अक्तूबर में भी डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग के आंकड़ों के अनुसार इस बार अब तक प्रदेश में 30 डेंगू के सक्रिय मामले मिल चुके हैं, जिसमें जिला जम्मू से सबसे अधिक 22 मामले मिले हैं। डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए मलेरिया विंग और नगर निगम ने फॉगिंग अभियान तेज कर दिया है।
बरसात के आगे खींचने के साथ कई जगहों पर जलभराव रहने से मच्छरों को पनपने में मदद मिलती है। कोविड चुनौतियों के बीच डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। संभाग के जिला कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, डोडा सहित अन्य जिले प्रभावित रहे हैं। अब तक जिला जम्मू के अलावा सांबा में 3, कठुआ में 1, कश्मीर में 1, उधमपुर में 1 और अन्य राज्य से एक डेंगू के पॉजिटिव मामला मिला है। जम्मू संभाग में अब तक वर्ष 2013 में सर्वाधिक 1838 डेंगू के पॉजिटिव मामले मिले थे और 4 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि अनाधिकारिक तौर पर अन्य राज्यों में जम्मू संभाग से सैकड़ों डेंगू के मरीज भर्ती हुए थे और कइयों की मौत हो गई थी। वर्ष 2020 में सिर्फ 53 ही पॉजिटिव मामले मिले थे। लेकिन इस साल बरसात लंबी चलने से डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इस बीच शहर के विभिन्न हिस्सों में फॉगिंग अभियान जारी है। वीरवार को वेयर हाउस में मच्छरों के सफाए के लिए फॉगिंग की गई।

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लक्षण
1. अचानक तेज सिर दर्द और बुखार होना
2. मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होना
3. आंखों के पीछे दर्द होना जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है
4. जी मचलना और उल्टी का मन होना
5. गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना

बचाव
1. कूलर, पानी की खुली टंकी, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, टायर आदि में पानी जमा न होने दें
2. पानी से भरे हुए बर्तन और टंकियों को ढककर रखें
3. कूलर का पानी हफ्ते में दो बार बदलें
4. डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, ऐसे कपड़े पहने जो बदन को पूरी तरह से ढकें
5. बुखार के लिए सामान्य दवाई लें और डॉक्टर से परामर्श लें
6. डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं पड़ती है