Home Jammu Kashmir Kashmir खतरे का सामना कर रही है हिंदुस्तान की धर्मनिरपेक्ष छवि: फारूक

खतरे का सामना कर रही है हिंदुस्तान की धर्मनिरपेक्ष छवि: फारूक

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सांप्रदायिकता के बढ़ने से देश की धर्मनिरपेक्ष छवि खतरे का सामना कर रही है। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में श्रीनगर सीट से विजयी अब्दुल्ला ने कहा कि वक्त की दरकार है कि धार्मिक स्वतंत्रता और देश में कानून के शासन की हिफाजत के लिए सामूहिक कोशिश की जाए। श्रीनगर में कुछ प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत के दौरान अब्दुल्ला ने कहा कि उत्तर भारत में विभिन्न स्थानों पर मुसलमानों को निशाना बना कर किए गए हमले दुखद हैं।
फारूक ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या हमारे संविधान निर्माताओं ने इसी भारत की कल्पना की थी? केंद्र सरकार के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती इन घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है।’ उन्होंने कहा कि भारत में बढ़ती साम्पद्रायिकता का मुकाबला देश के सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि साम्प्रदायिकता के इस फासीवादी रूख को बेलगाम बढ़ने दिया गया तो यह हमारे समाज के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को नुकसान पहुंचाएगा।

‘सांप्रदायिक नफरत हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती’
अब्दुल्ला ने कहा कि सांप्रदायिक नफरत हमारे समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। नई सरकार को इस बारे में फैसला करना है कि क्या वह सांप्रदायिकता को बेरोकटोक बढ़ने देना चाहती है ? विकास का विचार तब तक असंभव है जब तक कि 25 करोड़ मुसलमानों को इसमें (विकास में) सहभागी नहीं बनाया जाता। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को साथ लिए बगैर सरकार देश को आगे ले जाने की नहीं सोच सकती।