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कठुआ कांडः नाबालिग आरोपी के खिलाफ आज शुरू होगी सुनवाई

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कठुआ के रसाना गांव के बहुचर्चित दुष्कर्म और हत्या मामले में नाबालिग आरोपी के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई सोमवार से शुरू हो जाएगी। किशोर न्याय बोर्ड ने 15 जुलाई को निर्धारित सुनवाई के दौरान 29 जुलाई की तारीख सुनवाई के लिए तय की थी।
जम्मू – कश्मीर हाई कोर्ट ने क्राइम ब्रांच जम्मू की याचिका पर जल्द सुनवाई करने से मना कर दिया, जिसमें उसके नाबालिग होने को चुनौती दी गई है। इसके बाद कठुआ में किशोर न्याय बोर्ड के सामने मुकदमा शुरू होने जा रहा है।

15 जुलाई को सुनवाई शुरू होने के साथ ही क्राइम ब्रांच जम्मू ने न्यायाधीश को तर्क देते हुए कहा कि वो अभी इस सुनवाई को आगे बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि आरोपी के नाबालिग होने की स्थिति पर अब तक निर्णय नहीं हुआ है।

क्राइम ब्रांच ने बताया था कि उनकी ओर से हाईकोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें आरोपी को किशोर ठहराया गया है। उधर, याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति धीरज सिंह ठाकुर ने कहा कि इस केस की समय से पहले सुनवाई का मामला नहीं बनाया गया है, लिहाजा इस मामले पर उचित तारीख को ही विचार किया जाए।

ज्ञात हो कि हाईकोर्ट में क्राइम ब्रांच की ओर से दाखिल याचिका को लेकर मामले की सुनवाई पांच अगस्त को सूचीबद्ध की गई थी। क्राइम ब्रांच ने जल्द सुनवाई की अर्जी हाईकोर्ट में दी थी। क्योंकि किशोर न्याय बोर्ड की ओर से आरोपी को किशोर बताते हुए आठ जुलाई को अपराध निर्धारित करने के बाद कार्रवाई शुरू की थी। बोर्ड ने अपराध शाखा अभियोजन को इस मामले में सुबूत पेश करने को कहा था।

अपराध शाखा की याचिका में कहा गया है कि यदि किशोर न्याय बोर्ड के सामने इस मामले की कार्रवाई पर इस चरण में रोक नहीं लगाई गई तो पुनरीक्षण याचिका निष्फल हो जाएगी और अपराधी आरोपी के नाबालिग होने के निर्धारण का मूल प्रश्न धरा का धरा रह जाएगा। 15 जुलाई को विशेष सरकारी वकील ने बोर्ड को सूचित किया था कि आरोपी को नाबालिग स्वीकार करने के कठुआ कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपराध शाखा की अर्जी पर हाईकोर्ट ने अब तक अपना कोई आदेश नहीं सुनाया है।

उन्होंने जम्मू मेडिकल कॉलेज की यह रिपोर्ट पेश की कि वह 19 साल से कम और 21 साल से अधिक नहीं है। बोर्ड ने सरकारी वकील की बात सुनने के बाद गवाह पेश करने के लिए दो हफ्ते का वक्त दिया, क्योंकि हाईकोर्ट ने सुनवाई पर कोई स्थगन नहीं लगाया है।

इस मामले की मुख्य सुनवाई पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पठानकोट सेशन कोर्ट में स्थानांतरित कर दी गई थी। उधर, पीड़ित बच्ची के अभिभावकों की ओर से भी वकील की नियुक्ति कर ली गई है। सोमवार को किशोर न्याय बोर्ड कठुआ में पेश होने की भी उम्मीद है।