Home National अयोध्या, राफेल जैसे संवेदनशील मसलों पर सुप्रीम कोर्ट फिर शुरू करेगा सुनवाई

अयोध्या, राफेल जैसे संवेदनशील मसलों पर सुप्रीम कोर्ट फिर शुरू करेगा सुनवाई

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एक बार फिर से अयोध्या और राफेल जैसे मुद्दों के गरमाने के आसार हैं। छह हफ्ते के ग्रीष्मावकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट सोमवार से खुल रहा है। शीर्ष कोर्ट राफेल मसले पर दायर पुनर्विचार याचिका व ‘चौकीदार चोर है’ बयान को सर्वोच्च अदालत के हवाले से कहने पर राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना मामले पर अपना फैसला सुना सकता है। साथ ही अयोध्या जैसे संवेदनशील मामले की सुनवाई करेगा।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट 31 जजों की पूर्ण संख्या के साथ काम करेगा। इसकी पूरी संभावना है कि चीफ जस्टिस गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ पूर्व केंद्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा व अरुण शौरी तथा वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा राफेल करार की जांच की मांग वाली पुनर्विचार याचिका पर अगले हफ्ते अपना फैसला सुनाए। इन तीनों ने गत वर्ष 14 दिसंबर के उस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है जिसमें 36 राफेल विमानों के सौदे की जांच की मांग को ठुकरा दिया गया था।

वहीं, राहुल गांधी द्वारा ‘चौकीदार चोर है’ बयान सुप्रीम कोर्ट के मुंह में डालने को लेकर भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा दायर अवमानना याचिका पर भी चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ अपना फैसला सुना सकती है। हालांकि राहुल ने इसे लेकर माफी मांग ली है लेकिन यह देखने वाली बात होगी कि सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला सुनाता है।

वहीं, बातचीत के जरिए अयोध्या विवाद का हल निकालने का प्रयास कर रही सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एफएमआई कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति शीर्ष कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। राजनीतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील अयोध्या मुद्दे पर यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगा। यह मामला भी राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। इन मामलों के अलावा सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह, आनंद ग्रोवर व उनके एनजीओ के खिलाफ जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली जनहित याचिका पर भी सुनवाई करेगा।